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रेखा Line

रेखा  Line              रेखा चित्रकला का आधारभूत तत्व है सबसे पहले विद्यार्थी को रेखांकन सिखाया जाता है तत्पश्चात वह अन्य तत्वों की तरह वह जाता है रेखा में छिपी हुई ऊर्जा रहती है जो व्यक्ति के अंदर अलग-अलग भावों का संचार करती है साधारणता रेखा के द्वारा गति एवं शक्ति का प्रतीकात्मक स्वरूप विद्यमान रहता है दो बिंदुओं के बीच की दूरी को रेखा या दो बिंदुओं को जोड़ने वाली दूरी को रेखा कहा जाता है इसमें गति को  दिशा निर्देशन करने की शक्ति भी होती है अंकन का अर्थ  ( drawing)                कलम पेंसिल या किसी यंत्र के द्वारा धरातल पर मार्क छोड़ते जाना ही अंकन काल आता है परंतु एक कलाकार अंकन में चित्र की सारी खूबियों को दर्शाता है जो भावी चित्र का आधार बनती हैं रेखा व  दृष्टिभ्रम रेखा व  दृष्टिभ्रम  रेखा व  दृष्टिभ्रम                  चित्र को बनाते समय कभी-कभी ऐसी स्थिति आती है जब चित्रकार एक से अधिक बिंदुओ...

Elements of art

चित्रकला के तत्व      एक चित्र के निर्माण के लिए कुछ आधारभूत तत्वों की आवश्यकता होती है जिन्हे हम चित्रकला के तत्व कहते हैं वैसे तो यह कोई मान्य सिद्धांत नहीं है कि इनका प्रयोग कब और कैसे करना चाहिए पर सभी प्रकार के चित्रों का अवलोकन करने के पश्चात यह सिद्धि जाता है किसी न किसी रूप में यह सभी तत्व हमारे सृजन का अंग हो जाते हैं चित्रकला के 6 प्रमुख तत्व है 1 रेखा Line 2 रूप Form 3 वर्ण Colour 4 तान  Tone 5 पोत Texture 6 अंतराल Space          उपरोक्त तत्व प्रत्येक चित्र में विद्यमान रहते हैं भले किसी तत्व का महत्व कम या अधिक हो सकता है आजकल कला की कई विधाएं है जिनमें इनका प्रयोग सुविधा के अनुसार कलाकार करते हैं कहीं पर कोई तत्व प्रधान होता है तो कहीं पर कोई अगर हम समग्र दृष्टिकोण से विचार करें तो पाएंगे कि चित्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व अंतराल है इसके अभाव में अन्य पांच प्रभावहीन हो जाते हैं इसीलिए यह सबसे महत्वपूर्ण है अंतराल का चुनाव कलाकार की इच्छा पर निर्भर करता है वह किस प्रकार का धरातल अपने चित्र सजन के लिए महत्वपूर्...

रामनाथ पसरीचा जल रंगों का जादूगर

       रामनाथ पसरीचा जल रंगों का जादूग र नंदा देवी_रामनाथ पसरीचा-जलरंग                    कला जगत में कुछ ऐसी भी प्रतिभाएं है जिन के विषय में कह सकते हैं कला उनके अंतःकरण में ही रची बसी थी जो उन्हें जन्म के साथ ही प्राप्त हुई यही कारण था कि उन्हें ने जीवन के इस क्रम में कई प्रकार के व्यवसाय अपनाएं पर अंततः कला पर आकर ही जीवन यात्रा सफल हुई ऐसे ही प्रतिभा के धनी रामनाथ पसरीचा कलाकार हैं इनका जन्म 1926 ईस्वी में हुआ                  भारत वर्ष में ऐसे विरले कलाकार ही हैं जिन्होंने प्रकृति की विशाल विषमता में व्याप्त सौंदर्य को देखा है रामनाथ पसरिचा जी ने पहाड़ी दृश्यों को चित्रपट पर साकार रूप में उतारा है जल रंगों का अनुपम प्रयोग इनकी शैली की प्रमुख विशेषता है अभी तक जल माध्यम को विशेष महत्त्व नहीं मिला था समकालीन कला समीक्षक एम एस रंधावा ने भी इस पद्धति का काफी विरोध किया था रामनाथ पसरीचा का रेखाचित्र                ...

गणतंत्र दिवस पर कुछ खास करें

        गणतंत्र दिवस तिरंगा  तिरंगा                                   सूरज हर दिन निकलता है पर आज का कुछ खास था खास इसलिए क्योंकि आज के दिन ही हमारे देश का संविधान लागू हुआ था 26 जनवरी के इस पावन पर्व को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं गणतंत्र का अर्थ है प्रजातंत्र लोकतंत्र या जनतंत्र है साधारण शब्दों में हम लोकतंत्र को परिभाषित करते हुए कह सकते हैं कि देश में जनता का शासन हो या उसके द्वारा निर्वाचित लोग देश को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाएं पर यही सबसे महत्वपूर्ण तथ्य भी है जनता किसी गणतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है देश किस दिशा में जाएगा यह केवल कोई राजनेता नहीं निर्धारित करता बल्कि उस राष्ट्र के आम लोग निर्धारित करते हैं अतः हमें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक को आत्मचिंतन करना चाहिए क्या हम सब अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वाहन कर पा रहे हैं या नहीं पर इतना सारे देशवासियों को हमेशा बोध रखना चाहिए लोकतंत्र की असली शक्ति आपके पास है ...

मन की बात

  मन  विषाद               मन कितना सुंदर शब्द है हो भी क्यों ना कहते हैं मन चंचल यानी गतिशील है अधिकांश विद्वान मानते हैं जो वस्तुएं गतिशील हैं वह सुंदर होती है इसी दृष्टि से मन भी सुंदर होगा ऐसा मुझे लगता है पर जो चंचल है वह भला नियंत्रण में कहां रहता है जिस पर हमारे मस्तिष्क का नियंत्रण ना हो उस पर उचित अनुचित जैसे शब्दों का प्रयोग का मतलब ही क्या है जब बारूद में आग लग ही गई तो विस्फोट से क्या डरना कहने का आशय यह है कि विस्फोट की मात्रा बारूद की मात्रा पर निर्भर करती है ठीक उसी प्रकार हमारी रुचि या मनोभाव निर्धारित करते हैं कि मन कितना और कहां पर चंचल होता है यहां पर मन को मैं समाज में जिस व्यवहार की स्थिति में योग होता है उसी के अर्थ में कर रहा हूं यह स्पष्ट करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि शब्दकोश या किसी परिभाषा के अनुसार इसका वास्तविक मस्तिष्क से जोड़ा जाता है            मन हमारे भावों का ही एक रूप है जो यह दर्शाता है कि उक्त वस्तु से हमारा संबंध कैसा होगा कई बार हम चाहते हैं कि इस अमुक कार...

बीते साल की कुछ यादें

दिसंबर से जनवरी का चुराकर एहसास लाए हैं  जो न मिल सका अब तक उसे पाने का पैगाम लाए हैं//1 आने वाले वक्त में कुछ बेहतर कर सकें ऐसा ख्वाब लाए हैं गुजरे हुए वक्त से कुछ सीख कर बेहतर होने का सबक लाए हैं//2 जो मिला इस साल उसे अब सजो कर भी रखना है जो ना मिल सका उसे पाने का भी हौसला रखना है//3 सच कहें तो बीते हुए वक्त को हम बदल नहीं सकते पर गुजरे हुए वक्त से सीख कर बहुत कुछ बदल सकते हैं/4 जैसा भी गुजरा बड़ा खास गुजरा ये जाने वाला साल कुछ आते हुए सिखाया था कुछ जाते हुए सिखा गया ये साल//5 जाते हुए दिसंबर ने आखिरकार  गुजरे हुए वक्त का हिसाब मांग ही लिया बहीखाता न दिखाया हमने  फिर भी आंखों से सबक जान ही लिया//6 जुदाई की इस घड़ी में मुलाकात अब ना हो पाएगी गिरते हुए इस कोहरे में मोहब्बत की बात अब ना हो पाएगी तुम बीते हुए लम्हों को बचा कर रखना अपनी यादों में जाते हुए इस साल से अब दोबारा मुलाकात ना हो पाएगी//7 बड़ी सर्द रात में अपने महेब्बूब से मिलकर  लौटना चाहता है दिसंबर खुद को सौंपकर जनवरी को  बड़ी दूर जाना चाहता है द...

आज हम हैं, वो कल का जमाना था

आज हम हैं, वो कल का जमाना था सोचा था ना खोएंगे, वो वक्त पुराना था जाना था और चल भी दिए,  जिन्हें दुर तक जाना था आती हैं वो आवाजें क्यों, जब उनको चले ही जाना था बुलाती हैं ये खुशियां हमें क्यों,  जब हमें ही छोड़ के जाना था बीता बचपन और हम बड़े हो गए, क्या इसको यू ही गुजर जाना था याद आता है भईया वो आपका, मक्खी पकड़ कर कानों में छिपाना। वो हवा का झोंका अब सोने नहीं देता, बुझा गया दीपक,अब रोने नहीं देता मंजिल दूर थी कुछ दूर साथ जाना था जाना था और चल भी दिए, जिन्हें दूर तक जाना था जिन्हें दूर तक जाना था......                       By Kk3