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मार्च, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

TGT PGT kala practice set 30

प्रश्न. मेवाड़ शैली का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है (A) रागमाल ग्रन्थ (B) रसिक रत्नावलि (C) श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णि (D) उत्तराध्ययन सूत्र उत्तर. C प्रश्न. अलवर शैली में किसकी दो शैलियों का मिश्रण है (A) जयपुर-कोटा शैली (B) किशनगढ़-बूंदी शैली (C) नाथद्वारा-मारवाड़ शैली (D) जयपुर-मुगल शैली उत्तर. D प्रश्न. आदम कद पोट्रेट किस शैली से सम्बन्धित है (A) जयपुर शैली (B) नाथद्वारा शैली (C) किशनगढ़ शैली (D) कोटा शैली उत्तर. A प्रश्न. राजस्थान राज्य में शैली की चित्र कला विकसित हुई (A)14 वीं शताब्दी में (B) 15 वीं शताब्दी में (C) 16 वीं शताब्दी में (D) 17 वीं शताब्दी में उत्तर. C प्रश्न. भगवान श्री कृष्ण की लीलाएँ किस शैली के मुख्य विषय हैं (A) बूंदी शैली (B) कोटा शैली 3 (C) नाथद्वारा शैली (D) किशनगढ़ शैली उत्तर. C प्रश्न. राजा नागरीदास का सम्बन्ध है (A) जयपुर शैली (B) कांगड़ा शैली (C) किशनगढ़ शैली (D) अपभ्रंश शैली उत्तर. C प्रश्न. राजस्थान राज्य में लोक कला में मानव शरीर पर निर्मित चित्रों को कहते हैं (A) पिछवई (B) कावड़ (C) पाने (D) गुदना उत्तर. D प्रश...

Nicholas roric

निकोलस रोरिक 1874-1947 कला का लक्ष्य सौंदर्य का सृजन है सुंदरता के माध्यम से हम विजय की प्राप्ति करते हैं विजय के सहारे हम परस्पर एक होते हैं और सौंदर्य के माध्यम से ही हम प्रार्थना करते हैं   निकोलस रोरिक       भारत की संस्कृति कला एवं अध्यात्म से प्रभावित होकर भारत को ही अपनी कर्मस्थली बनाने वाले कलाकारों में निकोलस रोरिक का नाम प्रमुखता के साथ लिया जाता है निकोलस रोरिक ने हिमालय की अद्भुत छटा को अपने चित्र फलक पर उकेरा हैं जिन्हें देखकर अध्यात्म की पराकाष्ठा का अनुभव किया जा सकता है तथा उन में छुपे हुए रहस्य को समझा जा सकता है       निकोलस रोरिक का जन्म 1874 ईस्वी में सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था बचपन से ही इनको कला एवं इतिहास में विशेष रूचि थी वकालत की पढ़ाई के बाद भी इनकी कला के प्रति रुचि कम ना हुई आगे चलकर इन्होंने कला को ही अपने जीवन का मुख्य ध्येय बनाया कला की शिक्षा रूसी दृश्य चित्रकार अर्खिप कुईन से प्राप्त की निकोलस रोरिक ने वास्तविक जीवन की अपेक्षा ऐतिहासिक विषयों को काल्पनिक दृष्टिकोण से चित्रण करना प्रारंभ किया इन चित्रों में इन्होंने वरिष...

important term of art 1

Gouache :  चित्रण का एक विधान जिसमें गोंद मिश्रित अपारदर्शक रंगों उपयोग होता है। इसमें प्रयोग विशेषता  Graphic   ग्राफिक अनेक तकनीक जिसके द्वारा सतह कोई आकृति बनाकर उसे सतह छाप लेते हैं। इस तकनीकों में लियोग्राफी, एचिंग, वुडकट, एन्थेविंग इत्यादि सम्मिलित मूलतः ड्राइंग तथा पेन्टिंग भी जाती परन्तु आजकल यह स्वतन्त्र कला मानी जाती है। Tone Tone और मिडिल टोन किसी भी रंगत का बल जो काले सफेद मध्य बल अनुरूप हो  Hatching हैचिंग बल अथवा छाया प्रभाव उत्पन्न करने का वह ढंग जिसमें पास-पास रेखायें खींचकर ऐसा प्रभाव किया जाता है। यदि ये रेखायें एक-दूसरे काटते खींची जायें तो Cross hatching जाता Horizon Line हारिजन लाइन दृष्टि तल अथवा क्षितिज रेखा Impasto: इम्पेस्टो भारी अथवा मोटे-मोटे रंगों का प्रयोग (तैल रंगों अथवा टेम्परा में)।  Linoxyn   वायु सूख जाने पर अलसी तेल की चमड़ी जैसी झिल्ली Local Colour   सिद्धांततः किसी वस्तु का अपना रंग जो बातावरण, प्रकाश तथा समीपस्थ अन्य रंगों प्रभावित हो। परन्तु सम्भव नहीं Mankin : मेकिन चित्रकार की सहायतार्थ मानवदेह का नमूना Mass चित...

important term of art

कला से सबंधित महत्वपूर्ण परिभाषाएं  Academic Style of Painting : एकैडमिक स्टाइटल प्राफ पेन्टिंग स्थापित परम्परा के अनुसार अथवा मान्य सिद्धान्तों के अनुसार चित्रण करना। इसमें मौलिकता का कोई स्थान नहीं होता । Action Painting : एक्सन पेन्टिंग अमेरिकन चित्रकार जंक्सन पोलक द्वारा प्रतिपादित वह चित्रण शैली जिसमें रंगों का पूर्णतया वस्तु-आकृति विहीन (Abstract) प्रभाव उत्पन्न होता है। इसका विधान सपाट चित्र भूमि पर रंग छिड़कने, फेंकने अथवा टपकाने की तीव्र प्रक्रिया है, जिसके प्रभाव आकस्मिक होते हैं और उन्हें अन्ततः इच्छित संयोजन का रूप दे दिया जाता है। Alla Prima : अल्ला प्राइमा सीधे चित्रण - एक बार के रंग प्रयोग द्वारा चित्र को पूर्ण करना। यह विधि उस विधि के विपरीत है जिसमें रंग की कई सतह लगाकर चित्र पूर्ण किया जाता है है Advancing Colours : अग्रगामी रंगत-पुष्ट अमिश्रित रंग जो चित्र भूमि से आगे बढ़ते अनुभव हों। गर्म रंग (जैसे लाल) आगे बढ़ते तथा ठण्डे (जैसा नीला) पीछे हटते प्रतीत होते हैं। Asymmetry : अनुसम्मित – नन्दतिक अनियमितता से उत्पन्न सौन्दर्य किसी विषय-वस्तु के आकृति निरूपण में नन्...

George kit

कलाकार जॉर्ज कीट प्रसिद्ध कलाकार जॉर्ज कीट का जन्म 17 अप्रैल 1901 ईसवी को श्रीलंका के कैंडी नामक स्थान पर हुआ था इनके पिता भारतीय मूल के तथा माता डच परिवार की थी बाल्यकाल से ही जॉर्ज कीट को चित्र बनाने तथा नए नए अविष्कारों का शौक था अंग्रेजी साहित्य के अनुशीलन से इनमे राष्ट्रीयता की भावना का उदय हुआ तथा चित्रांकन में भी रुचि लेने लगे उच्च शिक्षा के लिए इन्हें कैंडी के ट्रिनिटी कालेज में प्रवेश दिलाया गया परंतु कला में विशेष रूचि के कारण 1918 में पढ़ाई छोड़ दी 1918 से 1927 तक हिंदू तथा बौद्ध कला और साहित्य का गंभीर अध्ययन किया रवींद्रनाथ ठाकुर की श्रीलंका यात्रा के समय उनके विचारों से अत्यधिक प्रभावित हुए  1928 ईस्वी में इन्हें सिलोन आर्ट क्लब का सदस्य बनाया गया साथ ही भारतीय कला परंपराओं तथा सिंघल लोक कलाओं का अध्ययन भी किया 1928 में इन्होंने गोविंदअम्मा नामक नृत्यकी को मॉडल बना कर चित्र अंकित किए 1928 में ही इनकी नव भविष्य वादी कलाकार कहा गया 1933 के पश्चात जॉर्ज कीट की कला में एक ऐसा समय आया जब अमूर्त रूपों तथा रेखाओं की अधिकता होने लगी इस समय संश्लेषणत्मक धनबाद के प्रभाव इनकी श...