संयोजन के सिद्धांत principles of composition दो या दो से अधिक तत्वों मैं सामंजस्य स्थापित कर मधुर योजना का निर्माण करना ही संयोजन है जिसमें से एक तत्व की प्रधानता रहती है वैसे तो चित्रकला में रेखा रंग रूप तान पोत अंतराल आदि तत्व को संयोजित कर कलाकार सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान करता है यह कलाकार के प्रयोग और अनुभव पर ही निर्भर करता है कि वह इन तत्वों का किस प्रकार प्रयोग करता है हो सकता है एक कलाकार में किसी तत्व की प्रधानता हो दूसरे कलाकार में किसी तत्व की प्रधानता हो कलाकार रेखा के प्रयोग से चित्रतल को कई भागों में विभक्त कर संयोजन का भावी स्वरूप देता है एक अध्ययनरत विद्यार्थी के लिए यह प्रयोग का विषय है वह जितना कला के तत्वों को चित्र फलक पर परस्पर रखकर अनुभव प्राप्त करेगा उसका संयोजन उतना ही सुखद और सरल होगा फिर भी यह विश्वास के साथ नहीं कहा जा सकता है कि उसका संयोजन दूसरों को सही ही लगेगा यह तो व्यक्तिगत अनुभव और सामर्थ्य की बात है आगे बढ़ने से पहले इतना स्पष्ट करना आवश्यक है संयोजन व्यक्तिगत रूचि पर निर्भर करता है जो कलाकार की प्र...
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