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बीते साल की कुछ यादें

दिसंबर से जनवरी का चुराकर एहसास लाए हैं  जो न मिल सका अब तक उसे पाने का पैगाम लाए हैं//1 आने वाले वक्त में कुछ बेहतर कर सकें ऐसा ख्वाब लाए हैं गुजरे हुए वक्त से कुछ सीख कर बेहतर होने का सबक लाए हैं//2 जो मिला इस साल उसे अब सजो कर भी रखना है जो ना मिल सका उसे पाने का भी हौसला रखना है//3 सच कहें तो बीते हुए वक्त को हम बदल नहीं सकते पर गुजरे हुए वक्त से सीख कर बहुत कुछ बदल सकते हैं/4 जैसा भी गुजरा बड़ा खास गुजरा ये जाने वाला साल कुछ आते हुए सिखाया था कुछ जाते हुए सिखा गया ये साल//5 जाते हुए दिसंबर ने आखिरकार  गुजरे हुए वक्त का हिसाब मांग ही लिया बहीखाता न दिखाया हमने  फिर भी आंखों से सबक जान ही लिया//6 जुदाई की इस घड़ी में मुलाकात अब ना हो पाएगी गिरते हुए इस कोहरे में मोहब्बत की बात अब ना हो पाएगी तुम बीते हुए लम्हों को बचा कर रखना अपनी यादों में जाते हुए इस साल से अब दोबारा मुलाकात ना हो पाएगी//7 बड़ी सर्द रात में अपने महेब्बूब से मिलकर  लौटना चाहता है दिसंबर खुद को सौंपकर जनवरी को  बड़ी दूर जाना चाहता है द...

आज हम हैं, वो कल का जमाना था

आज हम हैं, वो कल का जमाना था सोचा था ना खोएंगे, वो वक्त पुराना था जाना था और चल भी दिए,  जिन्हें दुर तक जाना था आती हैं वो आवाजें क्यों, जब उनको चले ही जाना था बुलाती हैं ये खुशियां हमें क्यों,  जब हमें ही छोड़ के जाना था बीता बचपन और हम बड़े हो गए, क्या इसको यू ही गुजर जाना था याद आता है भईया वो आपका, मक्खी पकड़ कर कानों में छिपाना। वो हवा का झोंका अब सोने नहीं देता, बुझा गया दीपक,अब रोने नहीं देता मंजिल दूर थी कुछ दूर साथ जाना था जाना था और चल भी दिए, जिन्हें दूर तक जाना था जिन्हें दूर तक जाना था......                       By Kk3

Experiences In My life

जो गिर के संभलता है, उसके ज्ञान को शिशु ज्ञान कहते हैं। लेकिन जो गिर-गिर के संभले, उसे इंसान कहते हैं//1 जिंदगी एक मौसम की तरह होती है। कभी पतझड़ तो कभी बाहर  लाती है । कभी हम लोगों को रुलाती है, तो कभी हंसाती है  लेकिन जो इस जिंदगी से लड़ जाए,  जिंदगी उसकी सेवक बन जाती है। //2 जो अच्छा सोंचे उसके विचार को सुविचार कहते हैं ।               जो अच्छा व्यवहार करे उसके गुण को सदाचार कहते हैं।//3          जो महकाए इस चमन को ,उसे  गुलबहार कहते हैं ।  और जो सजाए इस संसार को,  उसे श्रृंगारकार कहते हैं//4 जो पिता थे बुद्ध के उन्हें शुद्धोधन कहते हैं । जो मन को मोह ले उसे मनमोहन कहते हैं । जो थे सम्राट संगीत के उन्हें तानसेन कहते हैं।  और जो इनके बारे में पढ़ ले उसे विद्वान कहते हैं।//5

तुम मिले तो हम बस सोचते ही रहे

तुम मिले तो हम बस सोचते ही रहे लफ्ज़ कुछ कह ना सके हम देखते ही रहे शायद प्रेम की है यही परिभाषा नजरों ही नजरों में बात करते रहे....1 प्यार तो ही था अधूरे मिलन में सनम तुम मिले तो ये पूरा हुआ हुआ खुद में ही देखते हैं तुमको सनम तुम मिले तो जिंदगी का सफर पूरा हुआ....2 देखते ही चले हम तेरे रास्ते जिंदगी का सफर कट जाए तेरे वास्ते  अब न टूटेंगे प्यार के रास्ते मिलकर चलेंगे इस सफर में मंजिल के वास्ते....3 दिलों का मेल है कितना अनूठा सनम देखते ही रहे हम कह गई दूरियां सब खोजने से जो न मिला अब तक मुझे  तेरे आने की आहट ने सब दे दिया ओ सनम....4 मिलते मिलते हमें एहसास हो गया  हम हैं तेरे लिए तुम हो मेरे लिए देखते ही देखते यूं लगा प्यार हो गया हम हैं एक दूजे के लिए.....5 तुम मिले तो हम बस सोचते ही रहे लफ्ज़ कुछ कह ना सके हम देखते ही रहे.....

चाहत में प्रेम बहुत है

चाहत में प्रेम बहुत है देखो तो विश्वास बहुत है प्रेम के इस संगम में  हम दोनों का कल्याण बहुत है//1 अधरों के मिलने में लब्जो का काम नहीं है इस प्रेम की पावन बेला पर अब  मुझको भी इन्कार नहीं है अर्पण करता हूं मैं अब तुझको ही अपनी सांसे मुझको भी अब इनसे प्यार नहीं है//2 देखो चलना है आगे भी मिलकर  राहों से भी कहना है देखेंगे अब आगे बढ़कर  उससे जो मिलकर जो मेल बढ़ा इस बंधन का  देखेंगे अब हम भी इस चाहत में पड़कर//3 यह प्रेम नहीं है उसके आकर्षण का  यह रिश्ता तो है उसके एहसासों का  अब तू साथ चले मेरे दिलवर  प्रेम तो नाम है इक दूजे जा हो जाने का//4 खोना भी पड़ता है प्यार के इस संगम में  गिरना भी पड़ता है साथ में उसके चलने पर  साथी तेरा साथ रहे जीवन भर जीवन भी चलता रहता है उसके रहने पर//5 प्यार में कहती हो बिन तेरे मर जाएंगे  प्यार तो है बंधन है पावन एहसासों का  तुम ही बोलो तेरे बिन हम कैसे रह पाएंगे//6 मिलने की बेला का एहसास बड़ा जरूरी है  अपनेपन का विश्वास दिलाना बड़ा ...

देखो दारू आई है अपने साथ खुशियां लाई है

देखो दारू आई है अपने साथ खुशियां लाई है  बहुत हुआ अब लड़ना भिड़ना आओ मिलकर पीते हैं  अपने टूटे सपनों को मिलकर अब हम सितें  हैं.... तुम विश्वास निराला लाती हो एहसास नया कराती हो  जीवन को भर देती हो नव रंगों से साक्षात स्वर्ग के दर्शन करवाती हो  कितने गुण गाउ तेरे ये समझ नहीं अब आता जब से आई हो मेरे जीवन में तब से जीवन मंद मंद मुस्काता है.. देखो जब तुम आती हो रात सुहानी कर जाती हो  मिल जाता है सब कुछ मुझको पहचान निराली दे जाती हो   देखो दुनिया तुमको झूठा बोले पर मुझको सच्ची लगती हो कोई अपना माने या ना माने पर मुझको तुम अच्छी लगती हो.. जिस महफिल में तेरा आना होता है वहां की शान निराली हो जाती है  रोम रोम खिल जाता है प्यास पुरानी हो जाती है  तेरा मनमोहक यौवन सब पर छा जाता है  जिसको भी देखो बस वो तेरा हो जाता है दुनियादारी छूट गई मेरी अब तुझमें ही डूबा रहता हूं  सांसे जब भी थमने लगती है तुझसे ही खुद को सींचा करता हूं    जब आगे का कुछ नहीं सूझता इन आंखों से  तो तेरी चौखट पर आकर मन्नत मांगा करता हूं... इसको देखा उसको देखा सब...