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जनवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गणतंत्र दिवस पर कुछ खास करें

        गणतंत्र दिवस तिरंगा  तिरंगा                                   सूरज हर दिन निकलता है पर आज का कुछ खास था खास इसलिए क्योंकि आज के दिन ही हमारे देश का संविधान लागू हुआ था 26 जनवरी के इस पावन पर्व को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं गणतंत्र का अर्थ है प्रजातंत्र लोकतंत्र या जनतंत्र है साधारण शब्दों में हम लोकतंत्र को परिभाषित करते हुए कह सकते हैं कि देश में जनता का शासन हो या उसके द्वारा निर्वाचित लोग देश को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाएं पर यही सबसे महत्वपूर्ण तथ्य भी है जनता किसी गणतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है देश किस दिशा में जाएगा यह केवल कोई राजनेता नहीं निर्धारित करता बल्कि उस राष्ट्र के आम लोग निर्धारित करते हैं अतः हमें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक को आत्मचिंतन करना चाहिए क्या हम सब अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वाहन कर पा रहे हैं या नहीं पर इतना सारे देशवासियों को हमेशा बोध रखना चाहिए लोकतंत्र की असली शक्ति आपके पास है ...

मन की बात

  मन  विषाद               मन कितना सुंदर शब्द है हो भी क्यों ना कहते हैं मन चंचल यानी गतिशील है अधिकांश विद्वान मानते हैं जो वस्तुएं गतिशील हैं वह सुंदर होती है इसी दृष्टि से मन भी सुंदर होगा ऐसा मुझे लगता है पर जो चंचल है वह भला नियंत्रण में कहां रहता है जिस पर हमारे मस्तिष्क का नियंत्रण ना हो उस पर उचित अनुचित जैसे शब्दों का प्रयोग का मतलब ही क्या है जब बारूद में आग लग ही गई तो विस्फोट से क्या डरना कहने का आशय यह है कि विस्फोट की मात्रा बारूद की मात्रा पर निर्भर करती है ठीक उसी प्रकार हमारी रुचि या मनोभाव निर्धारित करते हैं कि मन कितना और कहां पर चंचल होता है यहां पर मन को मैं समाज में जिस व्यवहार की स्थिति में योग होता है उसी के अर्थ में कर रहा हूं यह स्पष्ट करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि शब्दकोश या किसी परिभाषा के अनुसार इसका वास्तविक मस्तिष्क से जोड़ा जाता है            मन हमारे भावों का ही एक रूप है जो यह दर्शाता है कि उक्त वस्तु से हमारा संबंध कैसा होगा कई बार हम चाहते हैं कि इस अमुक कार...

बीते साल की कुछ यादें

दिसंबर से जनवरी का चुराकर एहसास लाए हैं  जो न मिल सका अब तक उसे पाने का पैगाम लाए हैं//1 आने वाले वक्त में कुछ बेहतर कर सकें ऐसा ख्वाब लाए हैं गुजरे हुए वक्त से कुछ सीख कर बेहतर होने का सबक लाए हैं//2 जो मिला इस साल उसे अब सजो कर भी रखना है जो ना मिल सका उसे पाने का भी हौसला रखना है//3 सच कहें तो बीते हुए वक्त को हम बदल नहीं सकते पर गुजरे हुए वक्त से सीख कर बहुत कुछ बदल सकते हैं/4 जैसा भी गुजरा बड़ा खास गुजरा ये जाने वाला साल कुछ आते हुए सिखाया था कुछ जाते हुए सिखा गया ये साल//5 जाते हुए दिसंबर ने आखिरकार  गुजरे हुए वक्त का हिसाब मांग ही लिया बहीखाता न दिखाया हमने  फिर भी आंखों से सबक जान ही लिया//6 जुदाई की इस घड़ी में मुलाकात अब ना हो पाएगी गिरते हुए इस कोहरे में मोहब्बत की बात अब ना हो पाएगी तुम बीते हुए लम्हों को बचा कर रखना अपनी यादों में जाते हुए इस साल से अब दोबारा मुलाकात ना हो पाएगी//7 बड़ी सर्द रात में अपने महेब्बूब से मिलकर  लौटना चाहता है दिसंबर खुद को सौंपकर जनवरी को  बड़ी दूर जाना चाहता है द...