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कोरोना और कला

कोरोना और कला         कहते हैं आवश्यकता आविष्कार की जननी है यह संदर्भ वर्तमान परिस्थितियों पर अक्षरशः सत्य प्रतीत होता है आज देश ही नहीं वरन संपूर्ण संसार कोरोना नामक भयंकर महामारी से ग्रसित है इस मानवीय आपदा ने स्थापित जीवन के सभी मूल्यों पर विराम लगा दिया है अब पहले जैसा कुछ भी नहीं रहा परिणाम स्वरूप उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों ने हमारे सम्मुख अलग प्रकार की चुनौतियों को जन्म दिया है वैसे तो हर प्रकार की चुनौतियां मानव समाज को नित्य  विकास के लिए नए आयामों के द्वार खोलती आई हैं पर वर्तमान स्थिति का समाधान भी विकास के नए द्वार खोलेगा इसमें कोई संशय नहीं है फिर भी यह चुनौती मानव इतिहास के कुछ गिने-चुने उदाहरणों में से एक ही है इस समय सारा देश लॉक डाउन में है जिससे लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं देश का एक बड़ा भाग धीरे धीरे अवसाद की तरफ भी जाने लगेगा यहीं पर कलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है       कला मानव के चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाती है जीवन को हर्ष और उल्लास से परिपूर्ण कर देती है प्रत्येक मनुष्य के अंदर कोई ना कोई विशेष कल...

कला में प्रयुक्त होने वाले कुछ महत्वपूर्ण शब्द

Academic style of Painting      प्रचलित परंपरा के अनुसार बनाए गए चित्र को पारंपरिक अकादमिक शैली के चित्र कहा जाता है दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं मान्य सिद्धांतों के अनुसार बनाए जाने वाले चित्र