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विश्व फोटोग्राफी दिवस 2026: इतिहास, तथ्य एवं भारत के पहले फोटोग्राफर | TGT PGT Art Special | Kala Lekhan

विश्व फोटोग्राफी दिवस (19 अगस्त): इतिहास, कलात्मक विकास एवं प्रमुख तथ्य

फोटोग्राफी केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि दृश्यों, भावनाओं और इतिहास को एक फ्रेम में हमेशा के लिए सुरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है। हर वर्ष 19 अगस्त को दुनिया भर में 'विश्व फोटोग्राफी दिवस' (World Photography Day) मनाया जाता है। यह दिन उन फोटोग्राफरों और वैज्ञानिकों के योगदान को समर्पित है जिन्होंने समय के पलों को स्थिर कर इतिहास का दस्तावेज बनाया। कला, प्रतियोगी परीक्षाओं (TGT/PGT/KVS Art) और इतिहास के दृष्टिकोण से फोटोग्राफी का क्रमिक विकास बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

फोटोग्राफी की शुरुआत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विश्व फोटोग्राफी दिवस की ऐतिहासिक नींव 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में रखी गई थी:

  • प्रथम स्थायी फोटोग्राफ (1826): विश्व का पहला स्थायी फोटोग्राफ फ्रांसीसी आविष्कारक जोसेफ निकेफोर नीप्स (Joseph Nicéphore Niépce) द्वारा 1826 में 'हेलोग्राफी' (Heliography) प्रक्रिया के जरिए लिया गया था।
  • डैगरोटाइप तकनीक और पेटेंट मुक्ति (1839): फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई डागेरे (Louis Daguerre) ने 'डैगरोटाइप' (Daguerreotype) नामक व्यावहारिक फोटोग्राफिक तकनीक विकसित की। 19 अगस्त 1839 को फ्रांस सरकार ने इस तकनीक का पेटेंट खरीदकर इसे सार्वजनिक किया और पूरी दुनिया के लिए एक "मुफ्त उपहार" (Free Gift to the World) घोषित किया। इसी ऐतिहासिक घोषणा के सम्मान में 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है।

भारत में फोटोग्राफी का विकास

भारत में फोटोग्राफी का इतिहास 19वीं सदी के मध्य से ही समृद्ध रहा है:

  • बॉम्बे फोटोग्राफिक सोसायटी (1854): भारत में संगठित फोटोग्राफी की शुरुआत 1854 में बंबई में 'बॉम्बे फोटोग्राफिक सोसायटी' की स्थापना के साथ हुई।
  • लाला दीन दयाल (Lala Deen Dayal): इन्हें भारत के प्रथम महान पेशेवर फोटोग्राफर का दर्जा प्राप्त है। 19वीं सदी में उन्होंने भारतीय रियासतों, ऐतिहासिक स्मारकों और ब्रिटिश कालीन परिदृश्यों के दुर्लभ चित्र कैमरे में कैद किए। उन्हें हैदराबाद के छठे निजाम द्वारा 'राजा दीन दयाल' की उपाधि और शाही फोटोग्राफर का पद दिया गया था।

दृश्य कला (Visual Art) के रूप में फोटोग्राफी का महत्व

दृश्य कला के क्षेत्र में फोटोग्राफी ने चित्रकला और मूर्तिकला के बाद एक आधुनिक क्रांति का सूत्रपात किया। इसने न केवल यथार्थवाद (Realism) को एक नया आयाम दिया, बल्कि मानव संस्कृति, पुरातात्विक खोजों और शैलचित्रों के संरक्षण एवं अध्ययन में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज के डिजिटल युग में फोटोग्राफी हर व्यक्ति के जीवन और अभिव्यक्ति का अभिन्न अंग बन चुकी है।

परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Facts for TGT/PGT Art)

  • विश्व फोटोग्राफी दिवस: 19 अगस्त
  • डैगरोटाइप प्रक्रिया के जनक: लुई डागेरे (1839)
  • प्रथम स्थायी चित्र: जोसेफ निकेफोर नीप्स (1826, दृश्य: 'View from the Window at Le Gras')
  • भारत के प्रमुख ऐतिहासिक फोटोग्राफर: राजा लाला दीन दयाल


  • प्रश्न 1. 'विश्व फोटोग्राफी दिवस' प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
  • (A) 5 जून
  • (B) 19 अगस्त
  • (C) 27 सितम्बर
  • (D) 10 दिसम्बर
  •  * उत्तर: (B) 19 अगस्त
  •  * तथ्य: 19 अगस्त 1839 को फ्रांस सरकार ने डैगरोटाइप प्रक्रिया को सार्वजनिक (पेटेंट मुक्त) किया था।
  • प्रश्न 2. फोटोग्राफी की 'डैगरोटाइप' (Daguerreotype) प्रक्रिया का आविष्कार किसने किया था?
  • (A) विलियम हेनरी फॉक्स टैलबोट
  • (B) लुई डागेरे
  • (C) निकेफोर नीप्स
  • (D) जॉर्ज ईस्टमैन
  •  * उत्तर: (B) लुई डागेरे
  • प्रश्न 3. 19वीं शताब्दी में भारत के प्रसिद्ध दरबारी एवं पेशेवर फोटोग्राफर कौन थे, जिन्हें हैदराबाद के निज़ाम द्वारा 'राजा' की उपाधि दी गई थी?
  • (A) राजा रवि वर्मा
  • (B) लाला दीन दयाल (राजा दीन दयाल)
  • (C) 
  • अहमद अली खान
  • (D) मुकुंद राम डे
  •  * उत्तर: (B) लाला दीन दयाल
  • प्रश्न 4. भारत की प्रथम महिला फोटो पत्रकार (First Female Photojournalist) कौन हैं?
  • (A) अमृता शेरगिल
  • (B) होमी व्यारावाला
  • (C) सुनयनी देवी
  • (D) अंजोली इला मेनन
  •  * उत्तर: (B) होमी व्यारावाला (उपनाम: 'डालडा 13')
  • प्रश्न 5. भारत में 'बॉम्बे फोटोग्राफिक सोसायटी' की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
  • (A) 1839
  • (B) 1854
  • (C) 1880
  • (D) 1905
  •  * उत्तर: (B) 1854
  • प्रश्न 6. विश्व का सबसे पहला ज्ञात स्थायी फोटोग्राफ (1826) किसके द्वारा खींचा गया था?
  • (A) जोसेफ निकेफोर नीप्स
  • (B) थॉमस एडिसन
  • (C) लुई डागेरे
  • (D) जॉन एफ. हर्शेल
  •  * उत्तर: (A) जोसेफ निकेफोर नीप्स (चित्र का नाम: View from the Window at Le Gras

  • संदर्भ (References):
  • National Gallery of Modern Art (NGMA), Ministry of Culture, Govt. of India.
  • Indira Gandhi National Centre for the Arts (IGNCA) Archives.
  • Worswick, Clark. "Princely India: Photographs by Raja Deen Dayal, 1884–1910."

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