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बूंदी शैली

बूंदी शैली के चित्र एवं उनकी विशेषताएं

बूंदी शैली

  • बूंदी को नीला शहर तथा छोटी काशी एवं सीढ़ीदार बावड़ी का शहर भी कहा जाता है। बूंदी शहर के आसपास मुख्य रूप से परिहार, मीणा आदि जनजातियां रहती है
  • बूंदी में हाडा राजवंश का राज्य था।
  • भोज सिंह (1585-1607)के समय में रागमाला (1561)बूंदी शैली में चित्रित किया गया।
  • अनिरुद्ध सिंह के समय में इस शैली का रचनात्मक विकास हुआ तथा उनके समय के व्यक्ति चित्रों में दाढ़ी मूछ मुख्य रूप बनी।
  • राजा अनिरुद्ध सिंह हाडा का चित्र उत्कल राम ने बनाया था

उमेद सिंह 

  •  राजा उमेद सिंह के काल को बूंदी शैली का स्वर्ण युग माना जाता है।
  • इस समय के चित्रों में काफी निखार व परिष्कार आ गया था चटक एवं संजीव रंगों का उपयोग हुआ है
  • शिकार संबंधी चित्र अधिक बने हैं तथा इस प्रकार के चित्रों में हरे रंग का उपयोग अधिक दिखाई पड़ता है
  • उमेश सिंह द्वारा जंगली सूअर का शिकार करते हुए चित्र 1750 में बनाया गया जो काफी प्रसिद्ध हुआ

राम सिंह

  • राम सिंह के समय में बंदी के महलों को भित्तिचित्रों से सजाया गया
  • राम सिंह के समय के भित्ति चित्रों का विषय दरबारी जुलूस, शिकार एवं कृष्ण से संबंधित दृश्य रहे हैं

बूंदी शैली की विशेषताएं

  • बूंदी शैली के कलाकार ने स्त्री सौंदर्य को के स्वयं प्रतिमान निश्चित किए
  • यहां की स्त्री आकृतियां छोटी ठीगनी, गोल मुखाकृति पीछे की ओर ढालुआ माथा, तीक्ष्ण नाक, पतली भूरेखा और पतली कमर है
  • बूंदी शैली में लाल और पीले रंग का प्रयोग अधिक किया गया है
  • शिकार संबंधी दृश्य में सघन वनस्पतियों पेड़ पौधे जंगली जीवन पशु पक्षी एवं पहाड़ियों का यथार्थ चित्रण किया गया है
  • बूंदी शैली में घुड़सवारों एवं हाथियों का यथार्थ चित्रण किया गया है यही विशेषताएं कुछ कोटा शैली में मिलती हैं
  • श्रृंगार विषय के चित्र बूंदी शैली की प्रमुख विशेषता है 

बूंदी शैली की विषयवस्तु

  • बूंदी शैली के कलाकारों का प्रमुख विषय बारहमासा पर आधारित 12 महीना का चित्रण किया गया है जो रचना केशव की पुस्तक कविप्रिया के दसवें अध्याय का भाग हैराधा कृष्ण तथा शिकार एवं राग माला से संबंधित भी चित्र बनाए गए हैं
  • चुनार रागमाला प्रमुख चित्रों में खंभात बिलावल माल श्री भैरवी पट मंगली रागनियां प्रमुख हैं
  • बूंदी शैली के प्रमुख चित्रों में राग भैरवी एवं राग दीपक हैं
  • बूंदी शैली में प्रकृति को उद्दीपन के रूप में अंकित किया गया है
  • बूंदी शैली पर मेवाड़ शैली का प्रभाव दिखाई पड़ता है

बूंदी शैली के प्रमुख कलाकार

  1. सुरजन, 
  2. रामलाल
  3. अहमद अली
  4. उत्कल राम 
  5. डोडिया 

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