सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

टीजीटी आर्ट क्वेश्चन

1-पीसा के पूजा गृह में संत जन का मणिकुट्टिम चित्र है?
A- जीओत्तो 
B- सीमाबुए 
सी- दोनों 
D- इनमे से कोई नहीं 

2- जिओत्तो का जन्म हुआ?
ए-1266/67
बी-1264/65
सी- 1211-12
D- इनमे से कोई नहीं 

3- पुनर्जागरण काल में सिद्धांत का अविष्कार कहा जाता है?
उ0- पाउलो उच्चेंलो 
B-जीओत्तो 
C- सीमाबुए 
D- इनसे कोई नहीं 

4- द ट्रिनिटी चित्र बनाये गये?
उ0- पाउलो उच्चेंलो 
B-जीओत्तो 
C-मसाचिओ 
D- इनसे कोई नहीं 

5-प्रलय चित्र है?
ए-पाउलो उच्चेंलो 
B-जीओत्तो 
C- सीमाबुए 
D- इनसे कोई नहीं 

6-पुनरुत्थान कला शैली किस पर आधारित है?
A-मानवीयता
बी-मूर्ति पूजा 
सी-प्रभाववाद
डी-नव प्रभाववाद

7-सिस्टिन चैपल में वास्तुकला चित्र बनाये गये थे? 
ए-लियोनार्डो दा विंची
बी-माइकल एंजेलो
सी-राफेल 
डी-वान गो 

8-पुनरुत्थान कला का केंद्र था?
A-जर्मनी
B-इंग्लैंड 
C-इटली 
D -फ्रांस

9-मानवतावाद की कुंजी है?
ए-वास्तविक 
बी-स्वच्छंदवाद
सी-प्रभाववाद 
डी-पुनरुत्थान वाद

10-लाइन परीपेक्ष की शुरुआत किसकी थी?
ए-राफेल  
बी-फिलिपो ब्रुनेलेसी
सी-लियोनार्डो दा विंची 
डी-इनमें से कोई नहीं









































टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रागैतिहासिक काल की कला

       प्रागैतिहासिक काल के चित्र ग्राम जीवन, भीमबेटका   नोट  पूर्व इतिहास शब्द का पहला प्रयोग डैनियल विल्सन ने 1851 ई0 में किया था जान लुबाक ने अपनी अपनी पुस्तक प्रागैतिहासिक टाइम्स में  सर्वप्रथम पाषाण काल ​​को विभाजित किया भारत में 1963 ईस्वी में पुरापाषाण कालीन औज़ारों की खोज हुई रॉबर्ट ब्रूस फ़ुट पहले व्यक्ति थी       कला की उत्पत्ति कब और कैसे हुई, निश्चित रूप से इस विषय में हमारे पास कोई साक्ष्य नहीं है, फिर भी हम यह कह सकते हैं कि मानव जीवन के साथ ही कलाओं का जन्म हुआ होगा। प्रागैतिहासिक मानव की सभी खोज अचानक से हुई, उदाहरण के लिए आग जलाने की खोज, दो पत्थरों को रगड़ते  हुए हुई। ऐसी ही कला का ज्ञान हुआ। जहां पर हम रहते हैं उन स्थानों पर पैरों एवं क्रिया कलापों के चिन्ह छोड़ते हैं तथा छाया से भी आकृतियां बनती हुई दिखाई पड़ती है,  छाया को देखकर हम उत्सुक हो जाते हैं।   प्रागैतिहासिक काल की कला को तीन भागों में बाँट दिया गया है। 1 पूर्ण पाषाण काल 2 मध्य पाषाण काल 3 उत्तर पाषाण काल   पूर्ण पाषाण काल ...

दीपावली

  दीपावली Child Art (Diwali)                                                दीपावली त्यौहार उत्साह उमंग अभिलाषा सुख शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है ऐसी हमारी मान्यता है इस दिन घरों की सफाई करने के साथ ही दीपों से सजाया जाता है यह सारा दृश्य मन को प्रफुल्लित अवश्य करता है दीपावली मनाने के पीछे धर्म और विज्ञान के अपने-अपने तर्क हैं पर मैं यहां पर इनका उल्लेख करना नहीं चाहता यह तो हर व्यक्ति को पता है यहां पर सवाल दीपावली पर्व के महत्व का है हम इसे क्यों मनाते हैं यह हमारे लिए किस प्रकार उत्थान या आशा का उत्सव हो सकता है दीपावली का पर्व हर साल आता है और आएगा भी पर केवल किसी उत्सव को मना लेने से वह पूर्ण फल देगा ऐसी अभिलाषा करना स्वयं को ठगने जैसा है बल्कि मूल सवालों के उत्तर खोज कर उनको अपने जीवन में पूर्ण नहीं तो आंशिक रूप से जगह जरूर दें जिससे प्रकाश का त्यौहार सच्चे मायने में आशा अभिलाषा का उत्सव बन सके Diwali        ...

पाल चित्र शैली

             पाल शैली Pal Shaili         Pal Shaili  आठवीं सती में प्रारंभ हुई बौद्ध धर्म के अनुसार गोपाल नाम के एक सेनानायक ने 730 ईसवी में एक राजवंश की स्थापना की जो पाल राजवंश के नाम से जाना गया इसके पश्चात इस राजवंश में क्रमशः धर्मपाल देवपाल नारायणपाल महिपाल जैसे महत्वपूर्ण शासक हुए और पाल काल में  कला की भारी उन्नत हुई रामपाल पाल राजवंश का अंतिम शासक था इसको सामंत सेन ने परजित कर इस राज्य पर अधिकार कर लिया         पाल शैली के चित्रों में अजंता शैली की विशेषताएं मिलती हैं या यूं कहें यह जनता शैली की एक विकृति शैली का ही रूप है यहां पर चित्र 22.25 × 2.25 इंच के ताड़पत्र पर बने हैं पोथी में चित्र आयताकार या वर्गाकार अंतराल में अंकित किए गए थे चित्रों का विषय महायान और ब्रजायन बौद्ध ग्रंथों की विषयवस्तु रही है पाल शैली के अधिकांश पोथियां बंगाल बिहार नेपाल आदि केंद्रों पर चित्र की गई ताल पत्रों के मध्य में बने चित्रों का विषय महायान के देवी-देवताओं से संबंधित रहा है जबकि समन्वय पत्रों के दोनो...