- यूनानी चित्रकला का अविष्कार कर्ता- सीमोन
- यूनानी चित्रकला का वास्तविक जन्मदाता- पाली गनोतास
- सर्वप्रथम रंगों के द्वारा छाया प्रकाश दिखाया- आपोलोडोरस
- अंधकार वाले भाग में मिट्टी का प्रयोग किसने किया किदियास
- दिखावा करने वाला कलाकार ज्यूकीसास
- करुण दृश्यों का चितेरा कहा जाता है- एरिस्तादीज
- हेलेनिस्टिक युग का रेफेल कहा जाता है एपेलीज
- इटली की चित्रकला का पिता (father of Italian painting)- सिमाबु
- सिएना की चित्रकला का पिता (father of Siena painting)- डुविच्चिओ
- इटली में शुरू हुई पुनरुत्थान शैली के लक्षण दिखाई दिए- ज्योतो
- सर्वप्रथम परिप्रेक्ष्य किसने दिखाया- ज्योत्तों
- इटली की चित्रकला को बैजेंटाईन से मुक्ति दिलाई- ज्योत्यों
- फ्लोरेंस में पुनरुत्थान शैली का प्रथम चित्रकार मस्सधिओ
- फ्लोरेंस की वास्तुकला में पुनुर्थान का प्रारम्भ हुनेलेसकी
- मूर्तिकला में पुनुर्थान की शुरुवात दोनातेल्लो
- पैनल चित्रकार कहा जाता है सांद्रोबॉटिचेल्ली
- बारोक कला का पिता - माईकल एंजेलो
- इटली की कला का वयोवृद्ध आचार्य तिथियां
- कोमलताम भावनाओ का चित्रकार कोरज्जियो
- तैल चित्रण का जनक या अलसी के तेल का प्रयोग जान वान अडक
- वेनिस का रेफेल पाउलो वैरोनीज
- हार वाला कलाकार कहा जाता हैं घिरलऐडियो
- दृश्य चित्रण का पिता जोशिम पेटनीर
- स्वयं की कथा कल्पनाओं को चित्रित करने वाला विलियम होगार्थ
- स्पेन में नग्न नारियों का अंकन करने वाला प्रथम कलाकार - बेलास्के
- ब्रिटेन की दृश्य चित्रण का पिता रिचर्ड विल्सन
- आधुनिक दृश्य चित्रण का पिता कलाद गैरी लोरा
- प्रभाववाद का पूर्वज माना जाता है देलाक्रा
- वंशी वादक कलाकार ज्योर्जियन
- सर्वाधिक आत्मचित्र बनाने वाला कलाकार रेंद्रांत
- कुण्डलीक चित्रकार राफेल
- वेनिस का सर्वश्रेष्ठ नारी चितेरा तीशियान
- अनावृत्त नारियों का श्रेष्ठ चित्रकार रूबेंस
- अशुभ कलाकर कहा जाता हैं विची
- ग्रंथों में अविष्कार करने वाला कलाकार पाउलो उच्चेलो
- संत कलाकार कहा जाता हैं फ्रा एंजिलको
- चित्रों में दर्शकों को शामिल करके चित्र बनाए-एलग्रेको
- धार्मिक चित्रों में संतों को ग्रामीण किसानों के रूप में चित्रण किया कोरावेज्जिओ
- शैतान में विद्रोही कलाकर कुबे
- डिवाइन पेंटर राफेल
- प्रकृति के पागल पुजारी प्रभाव वादी कलाकर
- वंडर आफ द एज विधी
- नव शास्त्रीय तावाद का जनक जाक दाविद
- द पेंटर ऑफ लाइट किसे कहा जाता है टर्नर
- पेटर ऑफ सीरीज कहा जाता है मोने
- तहितियान कलाकार गागींन
- आधुनिक कला का जन्म दाता पाल सजा
- आधुनिक पोस्टर का पितामह तुजुक लोत्रे
- विज्ञापन का जनक- डेविड ओगालवी
- आधुनिक विज्ञापन के पितामह डेविड अल्बर्ट कर
- वयंग्य चित्रकार दोमीय
- अमरीकी कला का परणेता जैक्सन पिलाक
- एक्शन पेंटर पोलाक
- सभ्यता का महान पैगबर- रेंबर
- लीटोग्राफी पोस्टरों के लिए जाना जाता है जूल्स चूट
- समूह संयोजन का महान आचार्य रेफेल
- पापो का व्यंग्यात्मक चित्रण कीया बुगेल
- मोमबत्ती के प्रकाश में चित्रण एलगरेको
- ईसा को वेदना पूर्ण तरीके से चित्रित किया- रूबेस
- सन्डे पेंटर हेनरी रुसो
- फोताज पद्धति मार्क इंसर्ट
- पाताल का दैत्य- एमिल नोल्डे
- ईठनदार मानवक्रतिया बनाई इलग्रेको
- जंगली कलाकर मातीस
- अलाप्रीमा पद्धति का प्रतिपादन किया-वान गो
- चित्रों के ऊपर अन्य अपारदर्शी रंगो को पोत
प्रागैतिहासिक काल के चित्र ग्राम जीवन, भीमबेटका नोट पूर्व इतिहास शब्द का पहला प्रयोग डैनियल विल्सन ने 1851 ई0 में किया था जान लुबाक ने अपनी अपनी पुस्तक प्रागैतिहासिक टाइम्स में सर्वप्रथम पाषाण काल को विभाजित किया भारत में 1963 ईस्वी में पुरापाषाण कालीन औज़ारों की खोज हुई रॉबर्ट ब्रूस फ़ुट पहले व्यक्ति थी कला की उत्पत्ति कब और कैसे हुई, निश्चित रूप से इस विषय में हमारे पास कोई साक्ष्य नहीं है, फिर भी हम यह कह सकते हैं कि मानव जीवन के साथ ही कलाओं का जन्म हुआ होगा। प्रागैतिहासिक मानव की सभी खोज अचानक से हुई, उदाहरण के लिए आग जलाने की खोज, दो पत्थरों को रगड़ते हुए हुई। ऐसी ही कला का ज्ञान हुआ। जहां पर हम रहते हैं उन स्थानों पर पैरों एवं क्रिया कलापों के चिन्ह छोड़ते हैं तथा छाया से भी आकृतियां बनती हुई दिखाई पड़ती है, छाया को देखकर हम उत्सुक हो जाते हैं। प्रागैतिहासिक काल की कला को तीन भागों में बाँट दिया गया है। 1 पूर्ण पाषाण काल 2 मध्य पाषाण काल 3 उत्तर पाषाण काल पूर्ण पाषाण काल ...

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