कलाकार समरेंद्र नाथ गुप्त
- जन्म 1887 कोलकाता
- मृत्यु
- प्रसिद्ध चित्रकार
समरेंद्र नाथ गुप्त का जन्म कोलकाता में 1887 ईस्वी में हुआ था बाल्य काल में ही इन्हें कलात्मक वातावरण मिला उनके परिवार ने समरेंद्र नाथ गुप्त की कलात्मक अभिरुचियों को देखते हुए विशेष शिक्षा के लिए कोलकाता कला विद्यालय में प्रवेश दिलाया यहां पर कला गुरु अविंद्रनाथ ठाकुर का सानिध्य प्राप्त हुआ 1907 से 1911 तक अध्ययन करने के पश्चात निरंतर अभ्यास के द्वारा कला में पारंगत हो गए 1910 में लेडी हरिघम के अंतरण पर अजंता गुफा और 1911 में असित कुमार हलदर के साथ बाघ गुफा प्रतिकृतियां तैयार की लगातार कार्य करते हुए 30 मार्च 1964 को समय नाथ गुप्त का कोलकाता में निधन हो गया कला जगत में सदैव अपने उल्लेखनीय कार्यों के लिए याद किए जाते रहेंगे
बंगाल शैली में बने समरेंद्र नाथ गुप्त के प्रमुख चित्र
- कजरी नृत्य
- हमाम
- मकड़ी का जाल
- कोयल की पुकार
- टूटा हुआ तारा
- बसंत ऋतु
समरेंद्र नाथ गुप्त के प्रमुख ग्रैफिक्स चित्र
- हजरतबल (श्रीनगर) इचिंग
- सोनिया इचिंग
- माला गूथन एचिंग
- टू प्रिंसेस
- बनारस
- कुएं पर महिलाएं कार्य करते हुए
- श्रृंखला कश्मीर
- समरेंद्र नाथ गुप्त ने 1950 ईस्वी में कश्मीर नाम से एचिंग माध्यम में श्रंखला प्रकाशित की जो काफी प्रसिद्ध हुई

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