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rangon ke prakar

चित्रकला में माध्यम 

जल रंग (Water Color) :- 

जल रंग चित्रकला का सबसे प्रचलित माध्यम है। यह रंग मुख्यतः पारदर्शी होता है तथा इसका प्रयोग खुरदुरा एवं मोटे कागज पर किया जाता है । साथ ही इसका मुख्य माध्यम जल होता है। जल रंग का प्रयोग चित्र में लाइट टू डॉर्क किया जाता है तथा चित्र में हाई-लाइट के लिए पेपर को सफेद छोड़ दिया जाता है। जल रंग के लिए प्रयोग में लाये जाने वाला कागज है - फैब्रियानो, सांडर्स, कॉट्रीज, हैंडमेड तथा व्हाट्स मैन पेपर आदि । इसमें पेंटिंग के लिए सेबल हेयर ब्रश सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि ब्रश के जो बाल होता ओ बहुत ही सॉफ्ट होता है, जिससे रंग मिश्रण करने में आसानी होती है। इसमें राउंड एवं नकीला ब्रश का प्रयोग किया जाता है, जिससे की डिटेल्स वर्क करने में आसानी होती है। जल रंग से दृश्य चित्रण एवं आउट डोर कार्य करने के लिए सबसे अच्छा माध्यम है, क्योंकि इसमें सिमित समय में कार्य पूरा करना होता है।

पोस्टर रंग (Poster color) :


पोस्टर पेंट एक डिस्टेंपर पेंट है जो आमतौर पर एक प्रकार से गोंद-पानी या गोंद को उसके बाइंडर के रूप में उपयोग करता है। यह सामान्य रूप से एक "सस्ता" पेंट है जिसका उपयोग स्कूल के कला कक्षाओं में किया जाता है। पोस्टर रंग का माध्यम भी जल ही है। यह रंग मुख्यतः अपारदर्शी होता है, जिसके कारण पेपर का सतह दिखाई नहीं देता है। पोस्टर कलर पेंटिंग में हाई लाइट के लिए ऊपर से सफ़ेद रंग का प्रयोग किया जाता है। इसमें रंग को परत दर परत लगाते हैं। पोस्टर रंग में प्रयोग किये जाने वाले मुख्य कागज फैब्रियानो, कॉट्रीज, तथा हैंडमेड है। इस रंग का प्रयोग पोस्टर डिज़ाइन बुक कवर डिज़ाइन आदि में किया जाता है

स्याही पेन (Ink pen):


स्याही पेन में मुख्य रूप से निब्ड पेन का प्रयोग किया जाता है। निब्ड पेन (या डिप पेन) में स्याही का प्रयोग ड्राइंग के लिए आवश्यक रूप से किया जाता है। यह पेन उपयोग के बाद आसानी से साफ हो जाता है, निब्ड पेन दो भागों में आता है निब्ड और - उसका हैंडल। यह एक संवेदनशील ड्राइंग टूल हैं जिनकी लाइन की गुणवत्ता आपके हाथ के दबाव पर निर्भर करती है। इंक पेन के द्वारा ड्राइंग एवं स्केच किया जाने वाला मुख्य टूल्स है जिसका प्रयोग कलाकार की दक्षता को दर्शाता है । इसका प्रयोग आकृति में छाया एवं प्रकाश के लिए किया जाता है । इंक पेन का प्रयोग इलस्ट्रेशन में रेखांकन के लिए भी किया जाता है | इंक पेन का प्रयोग शेडिंग के विभिन्न तकनीक के लिए किया जाता है जो निम्नलिखित है। जैसे- हैचिंग क्रॉस हैचिंग तथा स्टिप्लिंग आदि ।

हैचिंग :- 

यह एक कलात्मक तकनीक है जिसका उपयोग ड्राइंग में समान्तर रेखाओं के द्वारा छाया एवं प्रकाश दिखने के लिए होता है  हैचिंग इसमें क्रॉस लाइनिंग के द्वारा चित्र में छाया एवं प्रकाश को दिखाना होता है ।
स्टिप्लिंग :- इसमें विंदु या डॉट के द्वारा छाया एवं प्रकाश को दिखाना होता है ।

तैल रंग (Oil color) :- 

तैल रंग विश्व की सबसे प्रसिद्ध माध्यम है। इसकी शुरुआत १५वी सदी में जॉन वान आइक ने की थी। तथा इस रंग की विशेष प्रसिद्धि पुनर्जागरण काल में हुआ। तैल रंग धीरे सूखने वाला माध्यम है, जिसके कारण तैल चित्रण का भविष्य लम्बे समय तक की होती है। तैल चित्र का मुख्य माध्यम तेल होता है, जैसे- तीसी का तेल, सूर्यमुखी का तेल आदि । इसमें चित्रण के लिए कैनवास सबसे प्रमुख धरातल होता है। तैल चित्र की शुरुआत करने के लिए सर्वप्रथम कैनवास पर चारकोल से ड्राइंग करते हैं, उसके बाद इसमें रंग भरना शुरू करते हैं। तैल चित्रण में रंग हमेशा डार्क टू लाइट लगते हैं । तैल चित्रण के लिए हॉग हेयर ब्रश का प्रयोग किया जाता है, जो दो प्रकार के होते हैं पहला फ्लैट ब्रश जिसका कार्य रंग भरने के लिए किया जाता है तो दूसरा राउण्ड ब्रश जिसका प्रयोग चित्र में डिटेल्स के लिए किया जाता है । तैल चित्रण में रंग ब्रश के अतिरिक्त नाइफ से भी डायरेक्ट रंग लगाया जाता है। तैल चित्रण में जब चित्र जब पूरी तरह से तैयार होने के बाद अच्छे से सुख जाता है तो उसपर वार्निश कोट लगाया जाता है जिससे की चित्र का अधिक समय तक सुरक्षित रहता है। साथ ही वार्निश लगाने से चित्रों में विशेष चमक आती है।

ऐक्रेलिक कलर (Acrylic Color) :


ऐक्रेलिक पेंट बहुत लोचदार होता है, जो रंग को टूटने से रोकता है। ऐक्रेलिक पेंट की बाइंडर ऐक्रेलिक पॉलिमर इमल्शन है जैसे ही यह बाइंडर सूखता है, पेंट लचीला हो जाता है । इसकी शुरुआत सर्वप्रथम अमेरिका में लैटिन ग्रुप द्वारा किया गया । ऐक्रेलिक रंग जल पे आधारित रंग है इस रंग को तैल चित्रण एवं जल रंग दोनों तरह से प्रयोग किया जा सकता है । इस रंग का माध्यम पानी होने के कारण यह जल्दी से सुख जाता है तथा इसके चित्र की लाइफ लम्बे समय तक की होती है । ऐक्रेलिक रंग किसी भी सतह पर किया जा सकता है क्योंकि यह रंग सतह को आसानी से पकड़ लेता है । इसके लिए कैनवास हैंडमेड पेपर, फैब्रियानो तथा कॉट्रीज आदि प्रमुख है जिसपर आसानी से चित्रण किया जाता है

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