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Yamini Rai

लोक कलाकार यामिनी राय

यामिनी राय ने अपनी कला के विषय में कहा था बच्चों जैसी सीधी साधी मेरी कला है जिसे हर कोई अपनी गोद में लेना चाहता है मैं पढ़ना लिखना नहीं जानता बच्चे मेरे गुरु हैं जब मुझे कोई रास्ता अपने सृजन को लेकर नहीं मिला तब मैंने बाल स्वभाव और सहज रुचियां से युक्त इस कला की तरफ देखा और यही रास्ता पकड़ लिया सबके जो भीतर असली आत्मा है वह बालक की है

  • जन्म 1887 बांकुरा, बेलिया तोरे गांव
  • मृत्यु 1972 
  • प्रसिद्ध लोक कलाकार 
  • पुरस्कार पद्म विभूषण

बंगाल के बांकुरा जिले में बेलिया तोरे गांव में जन्मे यामिनी राय ने कला की प्रारंभिक शिक्षा के लिए कोलकाता कला विद्यालय में प्रवेश लिया किंतु शीघ्र ही कोलकाता से निकलकर बंगाल शैली से विरक्त होकर यूरोपीय कला के आधार पर पोर्ट्रेट तथा प्रभाववादी प्रभाव वाले दृश्य चित्र तथा पेंटिंग आर्ट के माध्यम से चित्र सर्जन करना आरंभ किया 

कुछ समय पश्चात् यामिनी राय ने सारी प्रवृत्तियों को त्याग दिया तथा बंगाल की लोक कला शैली को आधार बनाकर अपना चित्र सृजन करने लगे यह बंगाल की अपेक्षित लोक कलाओं जैसे कुंडली चित्र कालीघाट लोककला खिलौना पूजा की मूर्तियों आज से विशेष प्रभावित हुए तथा इन्होंने इन्हीं शैली देवी-देवताओं पर पक्षियों तथा बंगाली जीवन को चित्रण का आधार बनाया उन्होंने मुंह का कारों जैसे गुड्डे गुड़िया कास्ट के खिलौने फोटो मुखोटे तथा अध्ययन शैली के अपभ्रंश शैली के चित्रों के माध्यम से विभिन्न रूपा कारों की खोज की तथा उन्होंने अपने चित्रों में उचित स्थान दिया फ्रांस के कला समीक्षक मेस्था ने यामिनी राय को महान चित्रकार हेनरी से उनकी तुलना की है जबकि महात्मा गांधी ने राष्ट्रीय कलाकार की संज्ञा दी यामिनी राय को नव बंगाल शैली का प्रवर्तक तथा भारत का पिकासो जैसे उपलब्धियां दी जाती हैं


लोक कला के लगाओ के कारण ही इन्हीं के चित्रों में लोक रंगों का अद्भुत संसार दिखाई देता है चटक रंग लाल, नीले, काले, भूरे रंगों का अधिक प्रयोग हुआ है अक्सर यह टेंपरा माध्यम में स्थानीय खनिज रंगो एवं वनस्पति रंगों को प्रयोग में लाते थे चित्रण विषय बंगाली नवजीवन बिल्लियां रामायण भगवान बुद्ध ईसा मसीह तथा कालीघाट लोक कला के अन्य विषय प्रमुखता के साथ चित्रित किए हैं 

यामिनी राय के प्रमुख चित्र 

मदर एंड चाइल्ड, मछली दबाए बिल्ली, केकड़ा और लोमड़ी, लोमड़ी, संथाली स्त्रियां, सीता की अग्नि परीक्षा, रथ यात्रा, घोड़ा गाड़ी, किंग एंड क्वीन, ईसा मसीह, हेड आफ संथाल, कृष्णा और बलराम, टैगोर और बापू के साथ, राधा कृष्ण, माता पुत्र, तुलसी पूजा

पुरस्कार 

  • भारत सरकार ने पद्म विभूषण सम्मान से 1955 में सम्मानित किया है
  • शिल्पी चक्र के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

यामिनी राय की कला से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • अपनी राय की कला पर कालीघाट एवं बांकुरा की लोक चित्र परंपरा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है
  • यामिनी राय ने भाव अभिव्यक्त के लिए मोटी काली रेखाओं का प्रयोग किया है तथा मोटे एवं पारदर्शी आमिश्रित रंगों का प्रयोग किया है
  • आरंभिक समय में यामिनी राय ने यूरोपी यूरोपीय शैली एवं प्रभाव बाद में चित्रण प्रारंभ किया था

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