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Sittanavasal की गुफाएं

Sittanavasal

     सित्तनवासल गुफाएं तमिलनाडु के तंजौर जिले के अंतर्गत पुदुकोट्टा Pudukkottai नामक स्थान पर स्थित है सित्तनवासल का शाब्दिक अर्थ जैन संतों का निवास स्थान है जो कावेरी नदी के तट पर स्थित है

सित्तनवासल गुफाओं की खोज

       सित्तनवासल की गुफाओं की की खोज का श्रेय फ्रांसीसी शोधकर्ता द्रुबील को दिया जाता है अपने लेख में टी ए  गोपीनाथ का उल्लेख किया है जिन्होंने इन गुफाओं के विषय में सर्वप्रथम जानकारी दी

सित्तनवासल का समय

      सित्तनवासल गुफाओं के समय को लेकर विद्वानों में आपस में भारी मतभेद है कुछ विद्वान इन्हें महेंद्र वर्मा 600-625 के द्वारा निर्मित मानते हैं जबकि प्रसिद्ध कलाविद शिवराम मूर्ति ने सित्तनवासल गुफाओं को पांडय राजवंश का माना है यहां चित्रों के दो स्तर में मिलते हैंं

नोट

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार सित्तनवासल गुफाओं का निर्माण पांडय शासकों के द्वारा सातवीं शताब्दी ईस्वी में कराया था तथा यह गुफाएं कावेरी नदी के किनारे स्थित हैं

महत्वपूर्ण तथ्य 

अधिकांश किताबों में सित्तनवासल की गुफाओं को कृष्णा नदी के किनारे स्थित बताया गया हैै जो पूर्ण रूप से गलत है ये गुफाएं कावेरी नदी के किनारे हैं तमिलनाडु के मैप को देखने पर स्पष्ट हो जाता है इस राज्य में कृष्णा नदी नहीं बहती है

सित्तनवासल के प्रमुख चित्र

  • तीर्थंकरों के चित्र
  • कमल सरोवर 
  • तीन दिव्य पुरुष 
  • नृत्यरत अप्सराएं 
  • अर्धनारीश्वर 
  • राजा महेंद्र और गंधर्व आदि 
इस गुफा में बने हुए चित्र हिंदू धर्म की शैव शाखा से संबंधित माने जाते हैं

Sittanavasal

सित्तनवासल की विशेषताएं

  • यहां पर चित्र चित्रों का विषय जैन एवं हिंदू धर्म से संबंधित रहा है
  • रेखाओं के माध्यम से आकृतियों में उभार आ गया है
  • पीला हरा भूरे रंगों का प्रयोग किया गया है
  • मुखाकृति पौने दो चश्म हैं
  • पहली सताहबवाले चित्रों में कुछ अजंता की विशेषताएं दिखाई पड़ती हैं परंतु दूसरी सतह वाले चित्रों में अपभ्रंश शैली वाले चित्रों की विशेषताएं दिखाई पड़ने लगती हैं

सित्तनवासल गुफा की भित्ति तैयार करने की विधि


Sittanavasal

       सित्तनवासल में भी अजंता और बाघ की तरह फ्रेस्को सिस्को Fresco secco तकनीक का प्रयोग किया गया है सर्वप्रथम कलाकार ने 2.5 मिलीमीटर मोटाई के चुने के प्लास्टर की सतह दीवार पर लगाई तत्पश्चात मोटे चुने की पतली परत चढ़ाकर चित्रण योग्यता भूमि तैयार की रेखांकन टेंपरा माध्यम से रंग भरता था

सित्तनवासल गुफा में प्रयुक्त रंग

     सित्तनवासल की गुफाओं चित्रों के निर्माण के लिए खनिज रंगों का प्रयोग किया गया है दीपक की कालिख या कोयले charcoal से काला रंग, गेरू red ochre से लाल रंग, yellow ochre से yellow, taree verre से हरा तथा नीला रंग utramarine या lapis lazuli से निर्मित जाते थे


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