Type Here to Get Search Results !

सिन्धु घाटी सभ्यता

     सिंधु सभ्यता अनेकों चांपा आर्सेनिक ताम्र पाषाण युग 5 तारीख ताम्र पाषाण युग संस्कृतियों से पुरानी है किंतु कहां से का प्रयोग सभ्यता को काला क्रमानुसार बाद में निर्धारित करता है इस संस्कृति का नाम हडप्पा संस्कृती इसलिए पड़ा क्योंकि सबसे पहले इसी स्थल की खोज की गई मोहनजोदड़ो इस सभ्यता का सबसे बड़ा केंद्र होने के नाते इसे सिंधु सभ्यता मोहनजोदड़ो की सभ्यता भी कहते हैं अधिकांश सिंधु नदी के पास में किनारे पर होने के कारण इसे सिंधु सभ्यता भी कहा जाता है इस सभ्यता का विकास उत्तर में जम्मू कश्मीर से लेकर दक्षिण में नर्मदा नदी के किनारे तक और पश्चिम में बलूचिस्तान प्रांत से लेकर उत्तर प्रदेश तक था इस सभ्यता के विस्तृत आकार के आधार पर स्टुअर्ट बिगाड़ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो को इस विस्तृत साम्राज्य की जुड़वा राजधानी कहां है इसका क्षेत्र त्रिभुजाकार था कुल क्षेत्रफल लगभग में 1300000 वर्ग किलोमीटर था जो प्राचीन कालीन सभी सभ्यताओं में सबसे अधिक है सिंधु सभ्यता के निर्माता सिंधु सभ्यता के निर्माता थे थे सिंधु सभ्यता का समय सविता का समय अधिक विवादग्रस्त है अनेक विद्वानों ने इसका समय निर्धारित करने का प्रयास किया है सर जॉन मार्शल के अनुसार आंसर 81 के अनुसार माधव सुरवसे टीम विवर मार्टिन प्राप्त की कार्बन 14 विधि द्वारा विधि द्वारा गणना करने पर इस सभ्यता का समय 2560 1700 ईसा पूर्व निर्धारित होता है जो सर्वाधिक मान्य है अब तक सिंधु सभ्यता के लगभग 15 साल पूजा चुके हैं जिनमें से मुख्य निम्नलिखित है हड़प्पा इस स्थल के विषय में सबसे पहले 1826 में काल निर्णय कार table I जानकारी दी किंतु 18 सो 78 ईस्वी में इस स्थल के विषय में कनिंघम ने विस्तृत लेख लिखा जिसके आधार पर 1921 ईस्वी में स्काउट उत्खनन लखनलाल राखल दास बनर्जी ने दयाराम साहनी ने किया सर जॉन मार्शल के निर्देशन में दयाराम साहनी ने किया प्राचीन काल में इसे रुपया भी कहा जाता था किस स्थल से रोटी ले मिलते हैं जिनमें से पूर्वी ट्रेलर कोन्नगर टीला तथा पश्चिमी टीले को ध्रुव टीला कहा जाता है यहां से 66 पंक्तियों में बने एक अंगार के अवशेष मिले हैं कल आप इसके अतिरिक्त कलात्मक कोशिशों में बर्तन पर बने मछुआरों का चित्र संघ पर बना बैल का चित्र स्त्री के गर्भ से निकलता हुआ पौधा पीतल का बनाई का यहां से अनेक चीजों से बने वृत्ताकार चबूतरे भी मिले हैं सिंधु सभ्यता से मिली अभिलेखों में सबसे अधिक हड़प्पा नामक स्थल से प्राप्त हुई हैं हड़प्पा में तांबे का सबसे बड़ा कारखाना स्थित था
       मोहनजोदड़ो पाकिस्तान के लरकाना नामक स्थान पर सिंधु नदी के किनारे पर स्थित है इसे मृतकों का टीला भी कहा जाता है मोहनजोदड़ो से भी मिले मिले हैं जिसमें से पश्चिमी भाग में स्थित दुर्ग जिले को पीले को स्तूप पीला भी कहा जाता है क्योंकि परवर्ती काल में कुषाण शासको ने यहां पर एक बौद्ध स्तूप का निर्माण कराया था मोहनजोदड़ो का सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल विशाल स्नानागार है यह मीटर है मार्शल ने इस निर्माण को विश्व का आश्चर्यजनक निर्माण कहां है मोहनजोदड़ो की सबसे विशाल इमारत धन्य है धन्यवाद है से प्राप्त अवशेषों में महा विशाल भवन कलात्मक कोशिशों में कांसे की नर्तकी की प्रतिमा मूर्तियों में पत्थर पर बनी तूने पत्थर पर बनी योगी की प्रतिमा प्रमुख मानी जाती है वर्तमान में राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थित है नई दिल्ली में स्थित है धौलावीरा यहां इसके रण में गुजरात में स्थित है इसका उत्पादन 1990 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad